Haryana: हरियाणा में वाहन चालकों के लिए खुशखबरी, हाइवे से जल्द हटाया जाएगा ये टोल प्लाजा

Haryana News: हरियाणा के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। अंबाला-हिसार (Ambala-Hisar) हाईवे पर गांव थाना के नजदीक बना टोल प्लाजा अब बंद हो सकता है। बता दें कि कुरुक्षेत्र से सांसद नवीन जिंदल (Naveen Jindal) ने इस मुद्दे को पहले ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) के संज्ञान में डाल दिया था। नवीन जिंदल ने गडकरी को पत्र लिखकर टोल बंद करने की मांग की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही इस टोल प्लाजा पर बूम गेट हमेशा के लिए नीचे हो सकता है।
असल में, नितिन गडकरी पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि 60 किलोमीटर के दायरे में केवल एक ही टोल प्लाजा (Toll Plaza) होना चाहिए। मगर अंबाला-हिसार रोड पर स्थित गांव थाना टोल प्लाजा और सैनी माजरा टोल प्लाजा आपस में महज 45 किलोमीटर की दूरी पर हैं। ऐसे में अगर कैथल या आसपास के लोग अंबाला की तरफ जाते हैं तो उन्हें दो-दो बार टोल टैक्स चुकाना पड़ता है। थाना टोल पर आने-जाने का कुल खर्चा 135 रुपए तक पहुंच जाता है और सैनी माजरा में भी तकरीबन इतना ही देना पड़ता है।

वाहन चालकों को (Double Toll) चुकाने की वजह से जेब पर भारी असर पड़ रहा है। इस वजह से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और लंबे समय से इस टोल को हटाने की मांग उठ रही थी। अगर यह टोल बंद होता है तो आम जनता को काफी बड़ी राहत मिलेगी।
ड्रग फ्री अभियान में समाज की भागीदारी जरूरी

सिरसा में आयोजित ड्रग फ्री हरियाणा साइक्लोथॉन 2.0 (Cyclothon 2.0) के समापन पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने नशा मुक्ति अभियान को लेकर बड़ा बयान दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री खुद साइकिल चलाकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और साइक्लोथॉन को झंडी दिखाकर रवाना किया।Haryana
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि नशे के खिलाफ जंग में हरियाणावासियों को एकजुट होकर भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को राजनीति से ऊपर उठकर लड़ना होगा। संत समाज, खाप पंचायतें, सरपंच और आम जनता अगर दिल से सहयोग करें, तो हरियाणा को ड्रग फ्री (Drug-Free) बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है।
उन्होंने बताया कि यह साइक्लोथॉन 5 अप्रैल को हिसार से शुरू हुआ था और 23 दिनों के लंबे सफर के बाद अब सिरसा में अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचा। खास बात यह रही कि इस मुहिम को प्रदेश की खाप पंचायतों ने भी खुले दिल से समर्थन दिया, जो अपने आप में गर्व का विषय है।Haryana
मंडियों में 31 लाख मीट्रिक टन गेहूं अटका
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग (Bajrang Garg) ने रविवार को व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग में सरकार पर बड़ा हमला बोला। गर्ग ने कहा कि भाजपा नीत सरकार की लापरवाही के चलते आज भी 31 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों (Grain Markets) में पड़ा हुआ है।
गर्ग ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। मगर 27 दिन बीत जाने के बाद भी ना तो उठान हो पाया है और ना ही किसानों को भुगतान (Payment) मिला है। किसानों का गेहूं बारिश से खराब हो गया और खेतों में बिजली की तारों से लगी आग से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। इसके बावजूद सरकार मुआवजा देने के नाम पर चुप्पी साधे बैठी है।Haryana

व्यापार मंडल के अनुसार, मंडियों में बारदान की कमी और गेहूं उठान के टेंडर में देरी ने हालात बदतर कर दिए हैं। सरकार ने जिन अधिकारियों और ठेकेदारों को जिम्मेदारी सौंपी थी, उनकी लापरवाही से किसान और आढ़ती दोनों भुगत रहे हैं। गर्ग ने साफ कहा कि सरकार को तुरंत प्रभाव से गेहूं उठान का काम तेज करना चाहिए और भुगतान की प्रक्रिया को भी सरल बनाना चाहिए।Haryana
तगड़ी कार्रवाई की मांग
बजरंग गर्ग ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो व्यापारी और किसान मिलकर बड़ा आंदोलन (Protest) करेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि जो अधिकारी या ठेकेदार उठान में देरी के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही मंडियों में अनाज खरीद के लिए हर तरह की तैयारी पहले से पूरी होनी चाहिए थी, ताकि किसान दर-दर ना भटके।Haryana
गर्ग ने बताया कि जिन इलाकों में बारिश के कारण गेहूं खराब हुआ है, वहां सरकार को स्पेशल सर्वे करवाकर जल्द से जल्द मुआवजा देना चाहिए। वहीं फसलों के जलने से जिन किसानों का नुकसान हुआ है, उनकी भरपाई के लिए फास्ट ट्रैक पर काम करना चाहिए।











